पटौदी के पातली यार्ड की होगी रीमॉडलिंग, यार्ड का भारतीय रेलवे से नेटवर्क का इंटरकनेक्शन हुआ
एमएसआईएल रेलवे यार्ड भी पूरा हो चुका है, जिसमें फॉर्मेशन, ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन तथा सिग्नलिंग और दूरसंचार कार्य शामिल है। पातली यार्ड को छोड़कर, पूरा मानेसर-पातली सेक्शन अब भौतिक रूप से तैयार है तथा रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा अप्रैल 2025 में निरीक्षण किए जाने की सम्भावना है।

Gurugram News Network – हरियाणा में प्राथमिकता वाली रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआरआईडीसी) की 31वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता भी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि उत्तरी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने पातली-Manesar (प्राथमिकता खंड) के चालू होने के संबंध में पातली यार्ड की Remodeling के लिए मंजूरी दी है। पातली में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) का भारतीय रेलवे नेटवर्क के साथ महत्वपूर्ण इंटरकनेक्शन 28 मार्च, 2025 को पूरा हो गया है।
एमएसआईएल रेलवे यार्ड भी पूरा हो चुका है, जिसमें फॉर्मेशन, ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन तथा सिग्नलिंग और दूरसंचार कार्य शामिल है। पातली यार्ड को छोड़कर, पूरा मानेसर-पातली सेक्शन अब भौतिक रूप से तैयार है तथा रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा अप्रैल 2025 में निरीक्षण किए जाने की सम्भावना है।
कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक परियोजना के तहत एलिवेटेड वायडक्ट, ट्रैक और विद्युतीकरण के निर्माण के का कार्य पूरा हो चुका है। थानेसर स्टेशन और उसके एलिवेटेड प्लेटफॉर्म सहित पूरी परियोजना सितंबर 2025 तक पूरी होने की सम्भावना है।

सोनीपत को बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के रास्ते पलवल से जोड़ने वाले ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ईओआरसी) के लिए व्यवहार्यता अध्ययन का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार ने एचआरआईडीसी को सौंपा गया था। एचआरआईडीसी की रिपोर्ट 28 फरवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एनसीआर (यूपी) की संचालन समिति को सौंपी जा चुकी है।
36 किलोमीटर लंबी गढ़ी हरसरू-फर्रुखनगर-झज्जर लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। 65 किलोमीटर लंबी करनाल-यमुनानगर नई रेल लाइन का मामला प्रक्रियाधीन है।











